शब्द भंडार (Vocabulary)
विलोम शब्द (Antonyms)
Download PDFविपरीत अर्थ देने वाले शब्दों को विलोम कहते हैं। ये उपसर्ग से, उपसर्ग बदलकर या स्वतंत्र शब्द से बनते हैं।
इस पृष्ठ में
दिन का उल्टा रात, सुख का उल्टा दुख — ऐसे जोड़ों को विलोम शब्द या विपरीतार्थक शब्द कहा जाता है।
विलोम याद करने की चीज़ कम, बनाने की चीज़ अधिक है। हिंदी में विलोम तीन तरीक़ों से बनते हैं, और तीनों जान लेने पर सैकड़ों शब्दों के विलोम स्वयं निकाले जा सकते हैं।
1. उपसर्ग लगाकर
मूल शब्द के आगे निषेधवाचक उपसर्ग जोड़ने से विलोम बन जाता है।
| उपसर्ग | उदाहरण |
|---|---|
| अ | संभव — असंभव, न्याय — अन्याय, ज्ञान — अज्ञान |
| अन् | आदि — अनादि, आवश्यक — अनावश्यक, उचित — अनुचित |
| नि | डर — निडर, रोग — निरोग |
| निर् | बल — निर्बल, दोष — निर्दोष, जीव — निर्जीव |
| दुर् | गुण — दुर्गुण, गम — दुर्गम, बल — दुर्बल |
| वि | योग — वियोग, पक्ष — विपक्ष, मुख — विमुख |
| अप | यश — अपयश, कीर्ति — अपकीर्ति, मान — अपमान |
| कु | पुत्र — कुपुत्र, मार्ग — कुमार्ग |
2. उपसर्ग बदलकर
यहाँ शब्द में उपसर्ग पहले से है; विलोम बनाने के लिए उसे विपरीत उपसर्ग से बदल दिया जाता है।
| शब्द | विलोम |
|---|---|
| उत्कर्ष | अपकर्ष |
| आदान | प्रदान |
| आकर्षण | विकर्षण |
| सगुण | निर्गुण |
| अनुकूल | प्रतिकूल |
| उन्नति | अवनति |
| आरोह | अवरोह |
| सुगम | दुर्गम |
| प्रत्यक्ष | परोक्ष |
| अंतर्मुखी | बहिर्मुखी |
3. स्वतंत्र शब्द से
यहाँ कोई नियम नहीं चलता — विलोम बिलकुल भिन्न शब्द होता है और उसे जानना ही पड़ता है।
| शब्द | विलोम | शब्द | विलोम |
|---|---|---|---|
| दिन | रात | आदि | अंत |
| जीवन | मरण | शीत | उष्ण |
| हर्ष | विषाद | कटु | मधुर |
| ज्येष्ठ | कनिष्ठ | क्रय | विक्रय |
| दाता | याचक | निंदा | स्तुति |
| गुण | दोष | राग | द्वेष |
| ठोस | तरल | थोड़ा | बहुत |
| शयन | जागरण | तम | प्रकाश |
| नवीन | प्राचीन | आय | व्यय |
अधिक प्रयोग में आने वाले विलोम
| शब्द | विलोम | शब्द | विलोम |
|---|---|---|---|
| कृतज्ञ | कृतघ्न | सार्थक | निरर्थक |
| आस्तिक | नास्तिक | लौकिक | अलौकिक |
| सजीव | निर्जीव | क्षणिक | शाश्वत |
| ग्राह्य | त्याज्य | स्वार्थ | परमार्थ |
| मौखिक | लिखित | जटिल | सरल |
| चर | अचर | एकता | अनेकता |
| बंधन | मुक्ति | अनुरक्त | विरक्त |
| विधवा | सधवा | संयोग | वियोग |
| अमृत | विष | उदार | अनुदार |
एक शब्द, एक से अधिक विलोम
कुछ शब्दों के विलोम प्रसंग के अनुसार बदल जाते हैं।
वाक्य में
हल्का — वज़न के संदर्भ में विलोम भारी, पर रंग के संदर्भ में गहरा।
कच्चा — फल के संदर्भ में विलोम पका, मकान के संदर्भ में पक्का।
अभ्यास
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“अनादि” में “अन्” उपसर्ग क्यों लगा, “अ” क्यों नहीं?
उत्तरक्योंकि “आदि” स्वर से आरंभ होता है। स्वर से आरंभ होने वाले शब्दों के आगे “अन्” लगता है और व्यंजन से आरंभ होने वालों के आगे “अ” — जैसे अ + संभव = असंभव।
-
“उत्कर्ष” का विलोम बताइए और बताइए कि वह किस विधि से बना है।
उत्तरअपकर्ष। यह उपसर्ग बदलकर बना है — “उत्” के स्थान पर “अप” उपसर्ग रख दिया गया।
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“राजा — रानी” को विलोम युग्म क्यों नहीं माना जाता?
उत्तरक्योंकि यह लिंग-परिवर्तन है, अर्थ का विरोध नहीं। रानी राजा का स्त्रीलिंग रूप है, उल्टा अर्थ नहीं।
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“हल्का” का विलोम क्या होगा?
उत्तरप्रसंग पर निर्भर है। वज़न के संदर्भ में “भारी” और रंग के संदर्भ में “गहरा”।
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“उन्नति” का विलोम “अवनत” लिखना क्यों अशुद्ध है?
उत्तरक्योंकि विलोम में व्याकरणिक कोटि वही रहनी चाहिए। “उन्नति” संज्ञा है, अतः उसका विलोम भी संज्ञा — “अवनति” — होगा। “अवनत” विशेषण है।